गुड्डू बादशाह मर्डर केस: दिल्ली पुलिस का 12,000 किमी लंबा ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’, 8 शूटर और मददगार गिरफ्तार
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
गुड्डू बादशाह मर्डर केस में बड़ी कामयाबी: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात गुड्डू बादशाह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य शूटर्स समेत कुल 8 आरोपियों को धर दबोचा है।
12,000 किलोमीटर का पीछा: पुलिस टीमों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई राज्यों में 12 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर छापेमारी की।
गैंगवार और आपसी रंजिश: वर्चस्व और पुरानी रंजिश के चलते सुनियोजित साजिश के तहत सरेराह इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
हथियार और वाहन बरामद: पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और गाड़ियां बरामद की गई हैं।
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले चर्चित गुड्डू बादशाह मर्डर केस (Guddu Badshah Murder Case) में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बाहरी-उत्तरी दिल्ली इलाके में दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग और हत्या की इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपराधियों को पकड़ने के लिए गठित विशेष टीमों ने कई राज्यों में करीब 12,000 किलोमीटर का सफर तय कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस मामले में आधिकारिक विवरण और सुरक्षा एडवाइजरी के लिए आप Delhi Police Official Portal पर पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति देख सकते हैं।
क्या था गुड्डू बादशाह मर्डर केस हत्याकांड का पूरा मामला?
राजधानी के बाहरी इलाके में कुछ दिन पहले बाइक और कार सवार हमलावरों ने गुड्डू बादशाह को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहे थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और स्पेशल स्टाफ की कई टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय कर जांच शुरू की गई।
12,000 किमी का सफर और राज्यों में छापेमारी
शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद शूटर दिल्ली की सीमा पार कर अलग-अलग राज्यों में छिप गए थे। पुलिस टीमों ने हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी।
जांच अधिकारियों के अनुसार:
आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदले।
वे सार्वजनिक परिवहन और फर्जी पहचान पत्रों का सहारा लेकर एक शहर से दूसरे शहर भाग रहे थे।
करीब 12,000 किलोमीटर तक लगातार लोकेशन ट्रैक करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर एक-एक करके 8 आरोपियों को दबोच लिया, जिनमें मुख्य शूटर, रेकी करने वाले और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले मददगार शामिल हैं।
गैंगवार और वर्चस्व की खूनी जंग
पुलिस पूछताछ में प्राथमिक तौर पर यह बात सामने आई है कि यह हत्या इलाके में अवैध कारोबार, सट्टेबाजी और स्थानीय वर्चस्व को लेकर उपजी पुरानी रंजिश का नतीजा थी। विरोधी गिरोह को अंदेशा था कि गुड्डू बादशाह उनके प्रभाव को खत्म कर रहा है। इसी के चलते कई हफ्तों तक उसकी दैनिक गतिविधियों की रेकी की गई और सटीक मौका देखकर हमला किया गया।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल, जिंदा राउंड और वारदात के समय इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अंतर-राज्यीय सिंडिकेट और फंडिंग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।











