Climate Dynamics Conference: पीएम मोदी ने किया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, बोले- भारत दुनिया को दे रहा जलवायु समाधान Onion Price Hike: प्याज ने फिर निकाले आंसू, एक साल में 94% महंगी! सरकार का 35 रुपये वाला बफर स्टॉक भी फेल Supreme Court Contempt Notice Education Secretary: 14 साल से कम उम्र के बच्चों की धार्मिक शिक्षा नियमन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्रीय शिक्षा सचिव टी.के. अनिल कुमार को अवमानना नोटिस जारी Mirzapur Movie Box Office Collection Day 10: कालीन भैया का जलवा बरकरार, 10वें दिन कमाए ₹13.25 करोड़; ₹200 करोड़ क्लब के बेहद करीब पहुंची फिल्म UCC Implementation Before 2029 Amit Shah: 2029 से पहले 21 एनडीए शासित राज्यों में लागू होगा यूसीसी, अमित शाह ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प’ अभियान का किया एलान BSF Rescues Bangladeshi Nationals Ganga River: उफनती गंगा में डूब रहे थे तीन बांग्लादेशी, बीएसएफ जवानों ने देवदूत बनकर बचाई जान; मालदा सीमा पर मानवीय मिसाल

आर्थिक मोर्चे पर भारत की दोहरी छलांग: 7.8% GDP ग्रोथ के बाद अब रिकॉर्ड GST कलेक्शन से भरा खजाना

GDP ग्रोथ

आर्थिक मोर्चे पर भारत की दोहरी छलांग: 7.8% GDP ग्रोथ के बाद अब रिकॉर्ड GST कलेक्शन से भरा खजाना

वैश्विक अनिश्चितताओं ( GDP ग्रोथ)और तमाम आर्थिक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। केंद्र सरकार के लिए महज 48 घंटों के भीतर अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर दो बड़ी और सकारात्मक खबरें सामने आई हैं। पहले चालू वित्त वर्ष (FY 2026-27) की पहली तिमाही में अनुमान से कहीं बेहतर जीडीपी ग्रोथ दर्ज की गई, और उसके ठीक बाद अगस्त महीने के जीएसटी कलेक्शन ने भी जोरदार उछाल दर्ज किया है।

पहली खुशखबरी: में 7.8% की दर से दौड़ी GDP ग्रोथ

सोमवार को जारी हुए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रही है।

  • अनुमानों को पीछे छोड़ा: कई आर्थिक विश्लेषकों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहली तिमाही में विकास दर 7.1 से 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। यह आंकड़ा इन सभी अनुमानों से कहीं आगे निकल गया।

  • सालाना आधार पर सुधार: पिछले वित्त वर्ष की इसी समान तिमाही में विकास दर 6.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

  • वैश्विक संकट के बीच उपलब्धि: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैरिफ विवाद, जियोपॉलिटिकल तनाव, सप्लाई चेन में रुकावटें और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 7.8% की वृद्धि देश के सामूहिक सामर्थ्य का परिणाम है और आत्मनिर्भरता के जरिए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर देश मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।

दूसरी खुशखबरी: अगस्त में ₹1.99 लाख करोड़ के पार GST कलेक्शन

जीडीपी के उत्साहवर्धक आंकड़ों के अगले ही दिन यानी मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने अगस्त महीने के जीएसटी राजस्व के आंकड़े जारी किए। इसमें सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी का जोरदार उछाल देखा गया।

कंपोनेंटअगस्त में जुटाया गया राजस्व (करोड़ रुपये में)
कुल ग्रॉस GST कलेक्शन₹1,99,853 करोड़
केंद्रीय जीएसटी (CGST)₹38,413 करोड़
राज्य जीएसटी (SGST)₹46,316 करोड़
एकीकृत जीएसटी (IGST)₹1,15,000+ करोड़
नेट GST कलेक्शन (रिफंड के बाद)₹1.68 लाख करोड़

गौरतलब है कि बीते वर्ष के इसी महीने में जीएसटी संग्रह 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा, बीते महीने टैक्स रिफंड में भी 68 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो कुल 31,795 करोड़ रुपये रहा।

क्या संकेत दे रहे हैं ये आंकड़े?

  1. घरेलू मांग में मजबूती: लगातार बढ़ते जीएसटी आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश के भीतर विनिर्माण, व्यापार और उपभोक्ता मांग में लगातार तेजी बनी हुई है।

  2. टैक्स अनुपालन (Compliance) में सुधार: डिजिटल प्रक्रियाओं और सख्त निगरानी के चलते टैक्स चोरी में कमी आई है और करदाताओं का दायरा बढ़ा है।

  3. आर्थिक स्थिरता: वैश्विक मंदी के डर के बावजूद मजबूत बुनियादी ढांचे और सरकारी पूंजीगत खर्च के दम पर भारत की आर्थिक स्थिति स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

Leave a Comment

और पढ़ें