अगस्त बिक्री में 10% की सुस्ती से फिसला Maruti Suzuki (
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड )का शेयर, बना निफ्टी का ‘टॉप लूजर’
भारतीय शेयर बाजार में ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki) के शेयरों में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान तेज बिकवाली देखी गई। कंपनी द्वारा अगस्त 2026 के मासिक ऑटो सेल्स आंकड़े जारी करने के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसके चलते यह शेयर 4 फीसदी से ज्यादा टूटकर निफ्टी-50 इंडेक्स का सबसे बड़ा लूजर (Top Loser) बन गया।
शेयर बाजार में गिरावट का असर
मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन में मारुति सुजुकी के शेयर में भारी दबाव रहा:
शेयर करीब 4.2% तक फिसलकर ₹13,010 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट की वजह से मारुति सुजुकी निफ्टी-50 के टॉप लूजर्स की लिस्ट में पहले पायदान पर पहुंच गई।
मारुति में आई कमजोरी का असर पूरे Nifty Auto Index पर पड़ा और इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई।
अगस्त के बिक्री आंकड़े क्यों बने गिरावट की वजह?
शेयर में आई इस गिरावट की सबसे मुख्य वजह जुलाई के मुकाबले अगस्त महीने में वाहनों की बिक्री में आई गिरावट (Sequential Decline) है:
महीने-दर-महीने (MoM) 10% की कमी: अगस्त 2026 में कंपनी की कुल बिक्री 2,19,220 यूनिट्स रही। जबकि पिछले महीने यानी जुलाई 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड 2,41,421 यूनिट्स बेची थीं।
सालाना आधार (YoY) पर मजबूती बरकरार: हालांकि, पिछले साल (अगस्त 2025) के मुकाबले घरेलू पैसेंजर व्हीकल बिक्री में सुधार देखा गया है। अगस्त 2026 में घरेलू बिक्री बढ़कर 1,76,971 यूनिट्स रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,31,278 यूनिट्स थी।
किस सेगमेंट में बिकीं कितनी गाड़ियां?
यूटिलिटी व्हीकल्स (SUV/MPV): इस सेगमेंट में ब्रेजा, ग्रैंड विटारा और अर्टिगा जैसी गाड़ियों की मांग मजबूत रही और कुल 79,045 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।
कॉम्पैक्ट व मिड-साइज कारें: स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर और वैगनआर जैसे मॉडल्स की कुल बिक्री 77,166 यूनिट्स रही।
मिनी सेगमेंट (अल्टो, एस-प्रेसो): एंट्री-लेवल सेगमेंट में कंपनी ने कुल 8,799 यूनिट्स बेचीं।
वैन सेगमेंट: मारुति ईको (Eeco) की बिक्री 11,961 यूनिट्स पर रही।
बाजार विश्लेषकों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जुलाई में रिकॉर्ड बिक्री के बाद डीलर्स के पास इन्वेंट्री बढ़ने और आगामी फेस्टिव सीजन (त्योहारी सीजन) से पहले प्रोडक्शन री-अलाइनमेंट के चलते महीने-दर-महीने आंकड़ों में यह सुस्ती देखने को मिली है। बाजार अब आगामी नवरात्र और दिवाली सीजन में कंपनी की मांग और नए लॉन्च पर नजर बनाए हुए है।











