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Kangana Ranaut Mandi MPLADS Meeting: ‘फालतू के जुमले मत दो’, 11 करोड़ में से सिर्फ 50 लाख खर्च होने पर अफसरों पर भड़कीं सांसद कंगना रनौत

Kangana Ranaut Mandi MPLADS Meeting: 'फालतू जुमले मत दो', अफसरों पर भड़कीं कंगना

Kangana Ranaut Mandi MPLADS Meeting: ‘फालतू के जुमले मत दो’, 11 करोड़ में से सिर्फ 50 लाख खर्च होने पर अफसरों पर भड़कीं सांसद कंगना रनौत

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

  • दिशा बैठक में दिखा सांसद का सख्त तेवर: मंडी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की समीक्षा बैठक में सांसद कंगना रनौत ने प्रशासनिक अधिकारियों के काम पर कड़ा ऐतराज जताया।

  • 11 करोड़ का फंड और नाममात्र का खर्च: सांसद निधि (MPLADS) के तहत स्वीकृत 11 करोड़ रुपये में से आधे से ज्यादा फंड बिना इस्तेमाल के पड़ा रहने और मंडी ब्लॉक में केवल 50 से 60 लाख खर्च होने पर नाराजगी जाहिर की।

  • ‘जनता का पैसा गलत हाथों में’: कंगना ने आरोप लगाया कि करीब 30 से 40 प्रतिशत राशि फर्जी और गलत लोगों के पास अटकी है, जो बिना जमीन व जरूरी एनओसी के पैसे ले बैठे हैं।

  • अल्टीमेटम और वसूली के निर्देश: सांसद ने बीडीओ और संबंधित तकनीकी विभागों को निर्देश दिए कि काम में हीलाहवाली करने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाए और सरकारी पैसा तुरंत वसूला जाए।

Kangana Ranaut Mandi MPLADS Meeting मंडी (हिमाचल प्रदेश):-

हिमाचल प्रदेश की हाई-प्रोफाइल संसदीय सीट मंडी में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को लेकर स्थानीय सांसद कंगना रनौत का गुस्सा खुलकर सामने आया है। मंडी स्थित उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की समीक्षा के दौरान Kangana Ranaut Mandi MPLADS Meeting (कंगना रनौत सांसद निधि बैठक) में अधिकारियों के पसीने छूट गए। बैठक में सांसद ने नौकरशाही के ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए दो टूक कहा कि उन्हें कागजी बातें और झूठे जुमले सुनाने के बजाय धरातल पर काम पूरा करके दिखाया जाए।

देशभर में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के दिशा-निर्देशों, फंड आवंटन और पारदर्शी नियमों की आधिकारिक जानकारी के लिए आप Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) के आधिकारिक पोर्टल पर एमपीलैड्स दिशा-निर्देश देख सकते हैं।

11 करोड़ का बजट, पर मंडी में बमुश्किल 50-60 लाख ही हुए खर्च:-

बैठक के दौरान जब ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDO) और विभागीय अधिकारियों से खर्च का ब्योरा मांगा गया, तो सामने आए आंकड़ों पर सांसद बिफर पड़ीं।

  • सांसद का आरोप: कंगना रनौत ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए करीब 11 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत और रिलीज किया गया था।

  • धीमी प्रगति: लगभग दो साल बीत जाने के बावजूद पूरे संसदीय क्षेत्र में मुश्किल से 1 करोड़ रुपये के काम हुए हैं, जबकि अकेले मंडी ब्लॉक में 5.5 करोड़ के स्वीकृत बजट में से सिर्फ 50 से 60 लाख रुपये ही खर्च किए जा सके।

  • कागजी रिपोर्ट बनाम जमीनी हकीकत: कंगना ने तंज कसते हुए कहा, “जब भी मैं बैठक में पूछती हूँ तो कहा जाता है कि 90% काम हो गया, कोई अड़चन नहीं है। लेकिन जब स्वतंत्र रूप से जांच करवाई जाती है, तो मौके पर 50% काम भी नहीं मिलता। अधिकारी मुझसे भी बेहतर एक्टिंग कर लेते हैं। मुझे फालतू के जुमले मत दो, काम पूरा करके दिखाओ।”

’30 से 40% पैसा गलत हाथों में, बिना जमीन के ले गए फंड’:-

कंगना रनौत ने व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही और अनियमितताओं पर गंभीर आरोप लगाए:

  1. अनियमितताओं पर सवाल: उन्होंने कहा कि 30 से 40 प्रतिशत सरकारी पैसा ऐसे लोगों के पास फंसा है जिन्होंने सिर्फ कुछ दस्तखत कराकर और सिफारिशों के आधार पर राशि निकाल ली, जबकि उनके पास न जमीन थी और न ही जरूरी एनओसी।

  2. रिकवरी और जुर्माने के निर्देश: सांसद ने जिला प्रशासन को आदेश दिया कि जिन ठेकेदारों या व्यक्तियों ने समय सीमा के भीतर काम शुरू नहीं किया है, उनसे तुरंत पूरी राशि मय-जुर्माना वसूली जाए और उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए।

  3. एजेंसियों की जवाबदेही: जिन निर्माण एजेंसियों ने काम आधा-अधूरा (20% से 50%) छोड़ा है, उन्हें तुरंत तलब कर ठोस कार्ययोजना (Proof Plan) पेश करने को कहा गया है।

‘जनता सड़कों और विकास को लेकर परेशान है’:-

बैठक में सांसद ने कहा कि मंडी के लोग अधूरे पड़े विकास कार्यों, टूटी सड़कों और बदहाल व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि जनता काम का परिणाम मांग रही है और अफसर दफ्तरों में बैठकर केवल फाइलों में बहाने बना रहे हैं।

कंगना ने सख्त लहजे में हिदायत दी कि अब बैठकों और समीक्षाओं की औपचारिकता पूरी करने का समय नहीं है; अब केवल फील्ड में पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट ही स्वीकार की जाएगी।

निष्कर्ष:-

संसदीय क्षेत्र के प्रशासनिक कामकाज को लेकर दिशा बैठक में कंगना रनौत के इस आक्रामक रुख ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना होगा कि सांसद के इस कड़े अल्टीमेटम और जांच के आदेशों के बाद मंडी के रुके हुए विकास कार्यों में कितनी तेजी आती है।

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