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Nepal Flood Update: नेपाल में जलप्रलय के बाद गहराया संकट, रसुवा और नुवाकोट से 600 स्कूली बच्चे लापता, मृतकों की संख्या 1,282 पहुंची

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Nepal Flood Update: नेपाल में जलप्रलय के बाद गहराया संकट, रसुवा और नुवाकोट से 600 स्कूली बच्चे लापता, मृतकों की संख्या 1,282 पहुंची

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

  • मासूमों पर कुदरत का कहर: नेपाल में भोटेकोशी नदी और अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) के बाद रसुवा और नुवाकोट जिलों से करीब 600 स्कूली छात्र-छात्राएं लापता बताए जा रहे हैं।

  • मौत का आंकड़ा 1,282 के पार: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 1,282 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,700 से अधिक लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच लापता हैं।

  • स्कूल बसें और इमारतें बहीं: बाढ़ का वेग इतना भयानक था कि 12 स्कूल पूरी तरह तबाह हो गए और बच्चों को ले जा रही बसें तेज बहाव में समा गईं।

  • 22 शिक्षक और स्टाफ भी नदारद: बच्चों के साथ-साथ दोनों जिलों के 22 स्कूल शिक्षक और कर्मचारी भी सैलाब के बाद से नहीं मिल रहे हैं।

Nepal Flood Update (काठमांडू):-

पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने भयावह मानवीय त्रासदी का रूप ले लिया है। इस गंभीर Nepal Flood Update (नेपाल बाढ़ अपडेट) के तहत रसुवा और नुवाकोट जिलों से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ स्थानीय शिक्षा समन्वय इकाइयों के अनुसार करीब 600 स्कूली बच्चे अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे और नदियों के किनारे तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन ध्वस्त संचार व्यवस्था के चलते सटीक जानकारी जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल में जारी इस गंभीर मानवीय संकट और सुरक्षा दलों के ग्राउंड रेस्क्यू ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी के लिए आप Nepal Police Official Portal पर नवीनतम प्रेस बुलेटिन देख सकते हैं।

रसुवा और नुवाकोट में भारी तबाही, संपर्क टूटने से बढ़ी मुश्किलें

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को हुए ग्लेशियर/हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई बाढ़ ने दर्जनों बस्तियों को मिनटों में जलमग्न कर दिया। शिक्षा विभाग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक:

  • रसुवा जिला: यहां विभिन्न सामुदायिक और निजी स्कूलों के करीब 280 छात्रों के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया चल रही है।

  • नुवाकोट जिला: नुवाकोट और विशेषकर विदुर नगरपालिका क्षेत्र से 300 से 350 बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

  • स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, जमीनी हालात बेहद दर्दनाक हैं—कई जगहों पर जीवित बचे माता-पिता अपने खोए हुए बच्चों की तलाश में भटक रहे हैं, तो वहीं कई जीवित बचे मासूम अपने पूरे परिवार को ढूंढ रहे हैं।

स्कूल बसें बहीं, 12 शिक्षण संस्थान पूरी तरह जमींदोज

बाढ़ उस समय आई जब बच्चे या तो स्कूल पहुंचने की तैयारी में थे या फिर स्कूल बसों में सवार थे। नुवाकोट और रसुवा के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का तेज बहाव देखते ही देखते स्कूल परिसरों में घुस गया:

  1. स्कूल बसों का बहना: कई शिक्षण संस्थानों की बसें पानी में बह गईं। एक निजी स्कूल के अनुसार, एक बस से 30 बच्चों को बमुश्किल निकाला गया, लेकिन दर्जनों अन्य बच्चों का कुछ पता नहीं चल सका।

  2. इमारतें तबाह: शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों जिलों में 12 से अधिक स्कूलों की इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं, जबकि दर्जनों स्कूल कीचड़ और मलबे से पटे पड़े हैं।

  3. शिक्षकों का नुकसान: बाढ़ में 22 शिक्षक और स्कूल स्टाफ भी बह गए हैं, जिनमें से कई पड़ोसी जिलों से धार्मिक यात्रा पर आए हुए थे।

अब तक 1,282 मौतें, 4,700 से अधिक लोग अब भी लापता

नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस जलप्रलय में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,282 हो गई है। चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट, रसुवा और धाडिंग जिलों से लगातार शव निकाले जा रहे हैं।

सुरक्षा बलों (नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस) का संयुक्त कमांड सेंटर अभी भी 4,798 लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। बाढ़ प्रभावित 5 स्थानीय निकायों में सभी स्कूल-कॉलेजों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।

निष्कर्ष(Nepal Flood Update):-

नेपाल की यह बाढ़ केवल एक मौसमी आपदा नहीं, बल्कि हिमालयी क्षेत्र के लिए एक असहनीय मानवीय आघात बन चुकी है। 600 से अधिक मासूमों का लापता होना पूरे देश को स्तब्ध कर गया है। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें ड्रोन, हेलीकॉप्टर और स्निफर डॉग्स की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि मलबे में दबी जिंदगियों को समय रहते बचाया जा सके।

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